दशहरा और ज्योतिष शास्त्र: विजयादशमी का अद्भुत खगोलीय महत्व
दशहरा और ज्योतिष शास्त्र: विजयादशमी का अद्भुत खगोलीय महत्व सनातन धर्म में विजयादशमी या दशहरा केवल एक त्योहार नहीं है,
दशहरा और ज्योतिष शास्त्र: विजयादशमी का अद्भुत खगोलीय महत्व सनातन धर्म में विजयादशमी या दशहरा केवल एक त्योहार नहीं है,
नवरात्रि का पावन पर्व न केवल आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैदिक ज्योतिष शास्त्र में भी इसका
कल रात (14 सितंबर 2026) अगर आपने आसमान की तरफ देखा होगा, तो एक बेहद खूबसूरत नजारा आपकी आंखों में
गणेशोत्सव के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की आराधना हर घर में होती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हमारी
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ‘ऋषि पंचमी’ के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में यह दिन
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में भगवान हनुमान को सर्वोच्च शक्ति, साहस, अनुशासन और निस्वार्थ भक्ति का प्रतीक माना गया है। हनुमान
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरतालिका तीज केवल एक पारंपरिक या धार्मिक व्रत नहीं है, बल्कि यह जन्म कुंडली के
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सितंबर 2026 का महीना ग्रहों की चाल और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने
गणेशोत्सव केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व नहीं है, बल्कि वैदिक ज्योतिष शास्त्र में भी इसका अत्यंत गहरा और वैज्ञानिक
शेयर बाजार (Share Market) में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता हमेशा बनी रहती है। अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग शेयर